पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के रघुनाथपुर विधायक ओसामा शहाब को जमीन विवाद से जुड़े मामले में पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका स्वीकार कर ली है। इस आदेश के बाद फिलहाल इस मामले में उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी, हालांकि पुलिस जांच पहले की तरह जारी रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सीवान जिले के महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव स्थित एक जमीन विवाद से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जमीन पर निर्माण कार्य के दौरान ओसामा शहाब और अन्य लोगों ने निर्माण कार्य रुकवाया। आरोप है कि मजदूरों के साथ मारपीट की गई, सीसीटीवी कैमरों में तोड़फोड़ की गई और कुछ सामान भी ले जाया गया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
पहले निचली अदालत से नहीं मिली थी राहत
इस मामले में ओसामा शहाब ने पहले सीवान की निचली अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पहले अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और बाद में नियमित अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
ओसामा शहाब की दलील
हाईकोर्ट में ओसामा शहाब की ओर से कहा गया कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह पहले से उनकी पत्नी के नाम दर्ज है और स्वामित्व को लेकर मामला पहले से विचाराधीन है। उनका पक्ष था कि इसी कारण निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई गई थी और लगाए गए आरोप निराधार हैं।
समझिए, अग्रिम जमानत क्या होती है?
अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का मतलब यह नहीं होता कि आरोपी को मामले से बरी कर दिया गया है। इसका उद्देश्य केवल यह होता है कि जांच के दौरान आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी न हो। आरोपी को जांच में सहयोग करना होता है और अदालत द्वारा तय की गई सभी शर्तों का पालन करना पड़ता है। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो मामला कानून के अनुसार आगे बढ़ता है।
जांच जारी रहेगी
पटना हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच जारी रहेगी। पुलिस साक्ष्य जुटाने और मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी। अदालत के आदेश के अनुसार कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।